अपनी जुबान को भूल गए हो क्या
अपनी जुबान को भूल गए हो क्या क्या तुम भी औरों की ही तरह अंग्रेजी में गुम हो गए हो क्या अपनी जमीन में बाहरी लोगों के अंश ढूंढते हो खुद के लोगों को भूल गए हो क्या कितने ही जुल्म हुए तुम पर तुम सहते रहे हो आज तक क्या वो सब जुल्म भूल गए हो तुम officeidofsandeep@gmail.com