है इक दौड़ है ये जिंदगी | hindi poetry
है इक दौड़ है ये जिंदगी इस दौड़ में शामिल है तू ये दौड़ हर तरफ है कोई भी पेशा क्यूं न आज़माले तू By Sandeep Sharma officeidofsandeep@gmail.com
शायरी कोई खेल नहीं जज़्बात हैं।