कभी फुर्सत में हो तो सच सुनो
कभी फुर्सत में हो तो सच सुनो यूं आधी अधूरी बात सुन नतीजा तो मत निकालो जिंदगी इक सर्कस है और जोकर का मुखौटा पहने हुए हैं बहुत से लोग हकीकत और बयानबाजी में बहुत फर्क है मेरे दोस्त written by Sandeep Sharma officeidofsandeep@gmail.com